Monday, September 28, 2020

कंगना Vs बीएमसी:हाईकोर्ट ने राउत के 'हरामखोर' वाले बयान पर कहा- हमारे पास भी डिक्शनरी है, अगर इसका मतलब नॉटी है तो फिर नॉटी का मतलब क्या है

 कंगना रनोट के ऑफिस में बीएमसी की कार्रवाई के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान, कोर्ट में शिवसेना के नेता संजय राउत के 'हरामखोर' वाले बयान पर भी बहस हुई। कंगना के वकील बीरेंद्र सराफ ने कहा कि संजय राउत ने इंटरव्यू में हरामखोर का मतलब नॉटी बताया था। इस पर जस्टिस एस कथावाला ने कहा, 'हमारे पास भी डिक्शनरी है, अगर इसका मतलब नॉटी है तो फिर नॉटी का मतलब क्या है।'

सराफ ने आरोप लगाया कि संजय ने कंगना के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्हें हरामखोर कहते हुए सबक सिखाने की बात कही थी। इसके बाद कोर्ट में राउत के बयान की फुटेज चलाई गई।

संजय राउत के वकील ने कहा- उन्होंने कंगना का नाम नहीं लिया

  • राउत के वकील प्रदीप थोराट ने कहा कि संजय ने बयान में कंगना का नाम नहीं लिया था। इस पर बेंच ने कहा, 'क्या आप कह रहे हैं कि आपके मुवक्किल ने उसे हरामखोर लड़की नहीं कहा है? क्या हम यह बयान दर्ज कर सकते हैं कि आपने (राउत ने) याचिकाकर्ता का हरामखोर नहीं कहा है।' इसके जवाब में थोराट ने कहा कि वह इस संबंध में कल एक हलफनामा दायर करेंगे।
  • कंगना के वकील ने कहा कि ऑफिस गिराए जाने के बाद अखबार में उसे तोड़े जाने का जश्न मनाया गया था। यह पूरे देश ने देखा है। इस पर बेंच ने इस संबंध में सभी सबूत और दस्तावेज लाने की बात कही है। जिसमें कंगना के सभी ट्वीट्स और संजय राउत का पूरा इंटरव्यू शामिल हैं।

लगातार चल रही केस की सुनवाई

  • 22 सितंबर को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस के ऑफिस पर बुलडोजर चलाने का आदेश देने वाले अधिकारी और शिवसेना राज्यसभा सांसद संजय राउत को पक्षकार बनाने की बात कही थी। संजय राउत के 'उखाड़ दिया' वाले बयान कि सीडी हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दी गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने पक्षकार बनाने का आदेश जारी किया।
  • 24 सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि मानसून में जिस तरह ऑफिस तोड़ा गया है, उसे नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। बीएमसी पर नाराजगी जताते हुए कहा था- कार्रवाई करने में तो आपने बहुत तेजी दिखाई। जब जवाब देने की बात आई तो सुस्ती दिखा रहे हैं।
  • 25 सितंबर को हाईकोर्ट ने पूछा था कि बीएमसी के वे अफसर कौन थे, जो कंगना के दफ्तर का सर्वे करने गए थे। पहली बार मामले को देखने पर यही लगता है कि कार्रवाई गलत नीयत से की गई थी। अदालत ने तोड़फोड़ से पहले ली गई अवैध निर्माण की तस्वीरों को भी अदालत को देने को कहा था। इस दौरान संजय राउत ने जवाब दिया था कि इस तोड़फोड़ से उनका कोई लेना देना नहीं है।

सुपर ओवर में बेंगलुरु जीता:

 

IPL में पहली बार 200+ रन बनाने के बावजूद मैच टाई हुआ, रन चेज करते हुए मुंबई इंडियंस ने आखिरी 5 ओवर में रिकॉर्ड 89 रन बनाए

आईपीएल के 13वें सीजन के 10वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने मुंबई इंडियंस को सुपर ओवर में हराया। आईपीएल इतिहास में पहली बार 200+ रन बनाने के बावजूद कोई मैच टाई हुआ है। इस मैच में बेंगलुरु ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 201 रन बनाए। इसके जवाब में मुंबई ने 5 विकेट पर 201 रन बनाए। इससे पहले 2015 में राजस्थान रॉयल्स ने पंजाब के खिलाफ 191 रन बनाए थे। यह मैच भी टाई रहा था, जिसमें पंजाब ने सुपर ओवर में मैच जीता था। मैच का लाइव स्कोरकार्ड देखने के लिए यहां क्लिक करें...

साथ ही मुंबई ने रन चेज करते हुए आखिरी 5 ओवर में 89 रन बनाए, जो एक रिकॉर्ड है। इससे पहले पिछले ही मैच में राजस्थान रॉयल्स ने किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ 86 रन बनाए थे।

पोलार्ड और ईशान ने दिखाया दम
मैच में एक समय मुंबई हार के करीब खड़ी थी। टीम का 15 ओवर में स्कोर 4 विकेट पर 112 रन था। मुंबई को जीत के लिए 90 रन चाहिए थे। कीरोन पोलार्ड 10 और ईशान किशन 61 रन बनाकर खेल रहे थे। यहीं से दोनों प्लेयर ने अपना खेल बदला और आखिरी 5 ओवर में 89 रन बनाते हुए मैच टाई करा दिया।

पोलार्ड ने 24 बॉल पर 60 और ईशान ने 58 बॉल पर 99 रन की पारी खेली। इस दौरान पोलार्ड ने 20 बॉल पर अपनी 35वीं फिफ्टी पूरी की थी। वहीं ईशान का यह चौथा अर्धशतक है। दोनों ने 5वें विकेट के लिए 119 रन की पार्टनरशिप की।

सीजन का दूसरा सुपर ओवर
सुपर ओवर में मुंबई ने बेंगलुरु को 8 रन का टारगेट दिया। जिसे विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने आसानी से हासिल किया। यह इस सीजन का दूसरा सुपर ओवर है। इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच एक मैच का फैसला भी सुपर ओवर ओवर में हुआ था, जिसमें दिल्ली ने जीत दर्ज की थी।

Saturday, July 25, 2020

बिलासपुर में लापरवाही:10 की जगह ठूस दिए 60 मवेशी, 47 की दम घुटने से मौत, सरपंच और सचिव पर एफआईआर के निर्देश

बिलासपुर
घटनास्थल पर एकत्रित ग्रामीण।
  • तखतपुर की घटना, बंद कमरे में ठूंस-ठूंस कर रखे गए थे मवेशी
  • जांच के लिए बनी टीम, सीएम भूपेश बघेल ने कहा- घटना दुर्भाग्यजनक

बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक के ग्राम मेढ़पार बाजार में दम घुटने से 47 गायों की मौत हो गई। कथित तौर पर फसल को चराई से बचाने के लिए पुराने पंचायत भवन के छोटे-छोटे दो कमरों में 60 गायों को ग्रामीणों ने शुक्रवार को रख दिया था। शनिवार की सुबह इनमें से 47 गायों की मौत हो गई। वहीं बाकी गायों का उपचार किया गया। इस घटना से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। इधर, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने मीडिया से चर्चा में कहा कि घटना में एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में सरपंच और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटना की जानकारी मिलने के बाद संसदीय सचिव व तखतपुर विधायक रश्मि सिंह के साथ प्रशासन, पुलिस और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे।

ग्रामीणों की मदद से मृत गायों को बाहर निकाला गया और उन्हें दफनाया गया। वहीं कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने गायों के मौत की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अतिरिक्त कलेक्टर स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। इधर, प्रशासन ने पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 13 व आईपीसी की धारा 429 के तहत अपराध भी दर्ज कराया है।

सीएम भूपेश ने कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश
प्रदेश की बड़ी घटना को सीएम भूपेश बघेल ने गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर कलेक्टर को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने घटना को दुर्भाग्यजनक बताया है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर-एसपी पहुंच कर जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर घटना के कारणों की जानकारी होगी।

रोका छेका 30 जून को खत्म, इससे घटना का संबंध नहीं-राज्य शासन
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद कृषि एवं पशुपालन मंत्री रविंद्र चौबे ने संसदीय सचिव रश्मि सिंह से मामले की लगातार जानकारी ली। वहीं गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष रामसुंदर दास ने भी घटना की पूरी जानकारी ली। दास रविवार को घटनास्थल का दौरा करेंगे। वहीं राज्य शासन ने दोपहर में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मेढ़पार गांव में पशुओं की मौत की खबर का रोका छेका अभियान से कोई संबंध नहीं है। राज्य में रोका छेका अभियान 30 जून को समाप्त हो गया है और रोका छेका अभियान के तहत जानवरों से फसलों को बचाने के लिए उन्हें खुले वातावरण में गौठान में रखे जाने के निर्देश दिए गए थे। इस घटना में स्थानीय व्यक्तियों ने पशुओं को एक भवन में बंद कर के रख दिया। यह ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित गोठान नहीं था। यह व्यवस्था गोठान की मूल परिकल्पना के ही विपरीत है।


छत्तीसगढ़ में कोरोना:एडीजी व हेल्थ कमांड सेंटर के प्रवक्ता समेत 363 संक्रमित, 3 मरीजों की मौत; रायपुर में अब होम आइसोलेशन में रह सकेंगे संक्रमित

रायपुर में 100 का आंकड़ा पार, 134 मरीज मिले, शहर के हॉट स्पॉट मंगलबाजार में कांग्रेस नेता 
अमिताभ अरुण दुबे | शहर में बढ़ रहे कोरोना मामलों के बीच लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। एक ही ऑटो में 13-14 सवारियां भरकर चलाई जा रही हैं। खजाना तिराहा पर पुलिस ने शनिवार शाम एक ऑटो चालक को रोककर, उसमें बैठे लोगों को उतारकर समझाइश भी दी। लोगों ने कहा कि सार्वजनिक वाहन नहीं चलने की वजह से मजबूरीवश इस तरह आना जाना पड़ रहा है।
  • रायपुर में 100 का आंकड़ा पार, 134 मरीज मिले, शहर के हॉट स्पॉट मंगलबाजार में कांग्रेस नेता की मौत

रायपुर सहित राज्य में शनिवार को कोरोना से तीन मरीजों की मौत हो गई। शहर में 134 और प्रदेश में 363 नए मरीज मिले हैं। रायपुर में पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एडीजी के अलावा उनकी पत्नी-बेटी के साथ कोरोना कमांड सेंटर के मीडिया प्रभारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। राजधानी में मरने वाले तीन में कांग्रेस नेता व अधिवक्ता शहर के हॉट स्पॉट मंगलबाजार के रहने वाले थे। रायपुर में मरने वालों की संख्या 18 व प्रदेश में 40 पहुंच गई है। दुर्ग से 47, बिलासपुर से 17, कांकेर से 13, जांजगीर-चांपा से 12, बस्तर से 11, कोंडागांव से 6, रायगढ़, बलौदाबाजार, राजनांदगांव व जशपुर से 4-4, कवर्धा से 2, कोरबा व नारायणपुर से एक-एक मरीज मिले हैं। अब मरीजों की संख्या 7182 पहुंच गई है। विभिन्न अस्पतालों से 116 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। एक्टिव केस 2460 है, जबकि 4683 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। पीएचक्यू के एक कांस्टेबल व इंटेलिजेंस शाखा पदस्थ आरक्षक को दोबारा एम्स में भर्ती किया गया है। दोनों को सांस लेने में परेशानी है। दोनों पहले ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके थे। दूसरी ओर रायपुर के दो व बिलासपुर के एक निजी अस्पताल को इलाज की अनुमति दी गई है। अब रायपुर जिले में भी कोरोना के मरीज होम आइसोलेशन में रह सकेंगे। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिया है। आमापारा मंगलबाजार क्षेत्र शहर का हॉट स्पॉट बन चुका है। यहां से लगातार मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यहां के जिस अधिवक्ता की मौत हुई, उनका इलाज एम्स में चल रहा था। वह कोरोनरी व हाई बीपी का मरीज था।

उन्हें 18 जुलाई को भर्ती किया गया था। कृष्णानगर की 10 साल की बालिका गंभीर हेपेटाइटिस व इंसेफेलोपैथी से पीड़ित थी। तथा रामकुंड की 58 वर्षीय महिला की कोरोना से जान चली गई। महिला डायबिटीज व हाई बीपी से पीड़ित थी। प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 7, वहीं 48 घंटे में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना कोर कमेटी के सदस्य डॉ. आरके पंडा व हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार जिन लोगाें की मौत हो रही है, उनमें वायरल लोड ज्यादा मिला। मरीजों की ओर से ये भी लापरवाही हुई कि सैंपल देने में देरी हुई, जिससे रिपोर्ट आने के बाद इलाज भी देर से शुरू हुआ। ऐसे में पहले से दूसरी बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर कोरोना भारी पड़ रहा है। कोरोना कमांड सेंटर के अधिकारी के बारे में पता चला है कि उन्होंने ट्रू नॉट मशीन में जांच करवाई थी। इस जांच में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद भी उन्होंने अपनी शंका मिटाने नेहरू मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर मशीन से जांच करवायी। इसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटव आई। एडीजी का आफिस नवा रायपुर के पुलिस मुख्यालय में है। वहां कार्यरत एक कांस्टेबल कोरोना से संक्रमित हुआ था। अफसरों को आशंका है कि सिपाही से अधिकारी संक्रमित हुए हैं। हालांकि उनमें कोरोना के कोई लक्षण अभी नहीं है। 70 फीसदी से ज्यादा मरीजों में सर्दी, खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ के कोई लक्षण नहीं है।
रायपुर में भी मरीज होम आइसोलेशन में रह सकेंगे
अब रायपुर जिले में भी कोरोना के मरीज होम आइसोलेशन में रह सकेंगे। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिया है। अभी तक केवल दुर्ग में पायलेट प्रोजेक्ट के बतौर मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की व्यवस्था शुरू की गई थी। मरीजों के लगातार बढ़ने के कारण नई व्यवस्था की गई है। रायपुर में 1977 मरीज हैं, जिनमें 1155 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। एम्स, अंबेडकर व माना में बेड फुल होने की कगार पर है। यही कारण है कि अब निजी अस्पतालों को भी प्रस्ताव दिया गया है कि वह कोराेना के मरीजों का इलाज करें। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने कलेक्टर व सीएमएचओ को पत्र लिखा है। इच्छुक निजी अस्पताल मरीजों का इलाज कर सकते हैं। निजी अस्पतालों में भर्ती होने पर इलाज का खर्च मरीज को ही उठाना होगा।

Friday, July 24, 2020

दिल बेचारा रिव्यू: जिंदगी जीना सिखाती है सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म

फिल्म का थीम है मौत और प्यार, अजीब बात है कि सुशांत की रियल लाइफ मौत ने भी सबके लिए सवाल पैदा कर दिए लेकिन इस फिल्म में उन्होंने मौत के लड़ने के कई फलसफे बताए है.

एक था राजा एक थी रानी दोनों मर गए खत्म कहानी' ये है फिल्म 'दिल बेचारा' की कहानी.

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के पूरे डेढ़ महीने बाद उनकी आखिरी फिल्म 'दिल बेचारा' देश-विदेश के दर्शको में एक साथ OTT प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज कर दी गई है. सुशांत के फैन्स को उनकी आखिरी फिल्म पसंद आएगी लेकिन फिल्म का दर्द भरा थीम शायद इस फिल्म को उतने लोगों से ना जोड़ पाए जैसे सुशांत की पिछली फिल्म छिछोरे ने जोड़ा था. कल हो ना हो, आनंद और अंखियों के झरोखे से जैसी फिल्मों के इमोशन जगाने की पूरी कोशिश की गई है. जो कहीं पर हैं और कहीं पर नहीं हैं.

फिल्म का थीम है मौत और प्यार और अजीब बात है कि सुशांत की रियल लाइफ मौत ने भी सबके लिए सवाल पैदा कर दिए लेकिन इस फिल्म में उन्होंने मौत के लड़ने के कई फलसफे बताए हैं.

कहानी-

सुशांत ने फिल्म में एक मैनी का किरदार निभाया है जो एक दिव्यांग होते हुए भी जिंदगी खुल के जीता है और उसकी मुलाकात होती है थाइरॉयड कैंसर से जूझ रही बंगाली लड़की कीजी बासु से. कीजी हमेशा एक ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर साथ चलती है, और जिंदगी में हमेशा दुखी रहती है. जब दुखी कीजी खुशनुमा मैनी से मिलती है को बदल जाती है उसकी जिंदगी.

मौत से लड़ते-लड़ते कीजी और मैनी दोनों करीब आ जाते हैं. कीजी के हर सपने को पूरा करके मैनी पूरी कोशिश करता है पर आखिर में खुद जिंदगी से खुशी-खुशी लड़ते हुए चला जाता है. लेकिन मरते-मरते को कीजी को जीवन में प्यार देकर खुश रहने का मंत्र दे जाता है.

ये फिल्म मशहूर नॉवेलिस्ट जॉन ग्रीन की किताब 'दा फाल्ट इन आवर स्टार्स' पर आधारित है. जिस पर दो साल पहले एक अंग्रेजी फिल्म भी बन चुकी है. अमेरिका का लोकेशन यहां जमशेदपुर बन गया है और फिल्म को शुद्ध देसी और आज के जमाने का बनाया गया है. जमशेदपुर की गलियों से कहानी पेरिस भी जाती है.

फिल्म में खास है सुशांत और संजना की केमिस्ट्री

फिल्म का मुख्य आकर्षण है सुशांत और संजना की केमिस्ट्री. संजना ने कीजी बासु के किरदार को खूबसूरती से निभाया है. फिल्म में ढेर सारे क्यूट मोमेंट्स हैं जो दर्शकों को अच्छे लगेंगे. सुशांत ने छिछोरे और धोनी के बाद एक और मंजी हुई परफॉर्मेंस दी है. फिल्म उड़ान के बाद जमशेदपुर के लोकेशंस फिल्म में काफी अच्छे लगे है.

प्रदेश में कोरोना के सारे रिकार्ड टूटे,426 कोरोना पॉजेटिव मरीज मिले,राजधानी में 244 मरीज मिलने से मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ में आज कोरोना पॉजेटिव मरीजों ने 400 का आंकड़ा भी पार कर लिया। प्रदेश में आज 426 कोरोना पॉजेटिव मरीज मिले हैं। ये एक ही दिन में छत्तीसगढ़ में मिले कोरोना पॉजेटिव मरीजों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले कल 371 मरीज मिले थे, जो प्रदेश में 24 घंटे में सर्वाधिक आंकड़ा था, आज 426 मरीज ने पिछले सारे आंकड़े तोड़ दिये। प्रदेश में अब कुल मरीजों का आंकड़ा 6819 पहुंच गया है, वहीं प्रदेश में एक्टिव केस 2216 हो गये हैं।

राजधानी में आज एक ही दिन में 244 कोरोना मरीज मिले हैं, इससे पहले कल मरीज 211 मिले थे। आज शाम तक रायपुर में मरीजों का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 164 दिया गया था, जिसमें देर रात होते-होते 88 और जुड़ गये। वहीं बेमेतरा से 7 और दुर्ग से 1 नये मरीज मिले हैं।

वहीं अब राजनांदगांव में 28, दुर्ग में 20, बस्तर में 18, कांकेर में 15, कोंडागांव व कोरबा में 14-14, बलरामपुर में 11, रायगढ़ में 10, बीजापुर व सरगुजा में 9-9, सूरजपुर में 8, जांजगीर में 06, बालोद, बलौदाबाजार, बिलासपुर, दंतेवाड़ा 2-2, महासमुंद व गरियाबंद 1-1 मरीज मिले हैं।

आज रायपुर के आंबंडेकर अस्पताल में भर्ती 30 वर्षीय बलौदाबाजार की महिला की मौत हुई है। वहीं रायपुर के 33 वर्षीय एक पुरूष की भी आज मौत हुई है। छत्तीसगढ़ में आज कुल 180 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है।

छत्तीसगढ़ : अनलॉक-2 का 24वां दिन:रायपुर में प्राइवेट बैंक की डिप्टी मैनेजर ने मनाया जन्मदिन, 9 गिरफ्तार; अंबिकापुर में नियम तोड़ने पर 21 पर एफआईआर

छत्तीसगढ़ के 12 जिलों में अब लॉकडाउन हो गया है। बालोद और राजनांदगांव में भी शुक्रवार से सब बंद कर दिया गया। जांजगीर में कल से और कोंडागांव में 25 जुलाई से लॉकडाउन होगा। इन सबके बीच कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। बावजूद इसके लोग नहीं माने रहे। रायपुर में पुलिस ने बर्थडे पार्टी मनाते एक प्राइवेट बैंक की डिप्टी मैनेजर सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं अंबिकापुर में नियमों को तोड़ने पर 21 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 
रायपुर : सुबह 10 बजे तक सब बंद, फिर भी खुली हैं दुकानें
एक ओर रायपुर शहर में जहां लोग कंटेनमेंट जोन और लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं, वहीं कुछ व्यापारी भी काम में जुटे हैं। उरला क्षेत्र में शुक्रवार को 10 बजे के बाद भी ज्यादातर दुकानें खुली हैं। फैंसी स्टोर, जूता-चप्पल, कपड़े और अन्य दुकानदारों ने बाहर ही सड़क पर दुकानें लगा ली हैं। वहीं मंगलबाजार और भाठागांव में उल्लंघन करने वालों पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। 

सीएसपी का ड्राइवर दिन भर साथ रहा, अब रिपोर्ट आई पॉजिटिव
सीएसपी कोतवाली का ड्राइवर भी कोरोना पॉजिटिव मिला है। वह गुरुवार को सीएसपी के साथ ड्यूटी में था। बताया जा रहा है कि चालक पुलिस लाइन में रहता है। वह किसी कारण से चार दिन के लिए छुट्टी पर घर गया था। इसके बाद गुरुवार को ही लौटा, फिर दिनभर सीएसपी के साथ ही था। अब उसके प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आए सभी लोगों का टेस्ट होगा। 
रातभर लॉकअप में रहे, अब कोर्ट में किया जाएगा पेश
शहर के खम्हारडीह क्षेत्र के स्टील सिटी में रहने वाली एक युवती प्राइवेट बैंक में डिप्टी मैनेजर है। उसका गुरुवार को बर्थडे था। जिसे मनाने के लिए उसने अपने दोस्तों को बुला लिया। इस दौरान कॉलोनी के किसी व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने 4 युवतियों सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी रातभर लॉकअप में रहे। अब शुक्रवार को उन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। 

अंबिकापुर : वकील, व्यापारी, पार्षद पति सहित 21 पर एफआईआर
कलेक्टर संजीव झा ने लॉकडाउन के नियम तोड़ने पर व्यापारी, वकील और पार्षद पति समेत 21 लोगों पर एफआईआर दर्ज  करवाई है। कलेक्टर गुरुवार रात टीम के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में दौरे पर निकले थे। लॉकडाउन के दौरान सड़कें वीरान और सुनसान रहीं। वहीं, निगरानी दल ने नियमों के उल्लंघन पर अलग-अलग मामलों में 42 हजार रुपए की जुर्माना वसूला। 
कोरबा : शहर में लॉकडाउन है, लेकिन सुबह 6 बजे से 10 बजे तक बाजार व जरूरी चीजों की दुकानों को छूट दी गई है। इसके बाद व्यापारियों ने खुद ही निर्धारित समय पर दुकानें बंद कर दी। सड़क पर भी जरूरी कार्य से ही लोग निकल रहे हैं। पुलिस चौक-चौराहों समेत फिक्स पाइंट पर तैनात है और पेट्रोलिंग जारी है। 

अब तक यहां भी हो चुका लॉकडाउन

दुर्ग : निगम क्षेत्र के हनोदा, धनोरा, चिखली, कोलिहापूरी, अंजोरा, खपरी व महमरा भिलाई की खेदामरा, रिसाली की डूमरडीह व उमरपोटी, चरोदा की आंधी, पालिका क्षेत्र जामुल की ढ़ौर, पाटन की अमलेश्वर व सांकरा, कुम्हारी की पंचदेवरी व अकोला, अहिवारा, उतई और धमधा नगर पालिका में लॉकडाउन प्रभावी रहेगा।  
राजनांदगांव : जिले में 29 जुलाई की रात 12 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। आवश्यक वस्तुओं की दुकानें सुबह 6 से 10 बजे तक ही खुली रहेंगी। हालांकि लॉकडाउन में ग्रामीण क्षेत्रों को छूट दी गई है, लेकिन सीमाएं सील रहेंगी। 
बालोद : जिले के 8 शहरी क्षेत्र बालोद, दल्लीराजहरा, गुंडरदेही, गुरूर, डौंडी, डौंडीलोहारा, अर्जुंदा, चिखलाकसा में शुक्रवार से लॉकडाउन कर दिया गया है। इस दौरान इन क्षेत्रों के 80 हजार से ज्यादा लोग घरों में लॉक रहेंगे। इससे पहले गुरुवार देर शाम पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। लोगों की सुविधा के लिए मोबाइल, किराना, फल दुकानें सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक खुली रहेगी। 
बिलासपुर : नगर निगम क्षेत्र सहित बिल्हा और बोदरी नगर पंचायत में लॉकडाउन है। प्रशासन की ओर से सब्जी, दूध और किराना दुकानों को खोलने के लिए दोपहर 12 बजे तक की छूट दी गई है।
बेमेतरा : शहर में सामान्य दिनों की तरह लोगों की आवाजाही होती रही। पान-ठेले तक खुले रहे। शहर में 2 अगस्त तक लॉकडाउन है। इस दौरान सिर्फ किराना दुकान, पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर व दूध डेयरी सुबह 8 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक खुलने के आदेश हैं। 
मुंगेली : यहां भी 28 जुलाई रात 12 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। मुंगेली, लोरमी, पथरिया तीनों विकासखंड में लॉकडाउन प्रभावी होगा। इसको लेकर कलेक्टर पीएस एल्मा ने आदेश जारी किया है। 
दंतेवाड़ा : नगर पालिका क्षेत्र बचेली, किरंदुल, दंतेवाड़ा, गीदम, बारसूर में 29 जुलाई रात 12 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, गोदाम, साप्ताहिक हाट-बाजार बंद रहेंगे। हालांकि फल, सब्जी, दूध, ब्रेड, मटन, मछली की दुकानें सुबह 9 बजे से 2 बजे खुलेंगी। 

ये तस्वीर बिलासपुर की है। लॉकडाउन के बाद से पुलिस की सख्ती जारी है। इस दौरान बिना कारण के सड़क पर घूम रहे युवकों को पुलिस ने मुर्गा बनाकर सजा दी। 
अब यहां भी होगा लॉकडाउन

जांजगीर-चांपा : जिले के 15 नगरीय क्षेत्रों में 24 जुलाई से लॉकडाउन लगाने की घोषणा की गई है। ये लॉकडाउन 7 दिनों तक 30 जुलाई तक लागू रहेगा। जिला कलेक्टर ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
कोंडागांव : यहां पर  शहरी क्षेत्र में 25 से  31 जुलाई तक लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी दुकानें बंद रहेंगी। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने इसकी पुष्टि की है। 
छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमित छह हजार
छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले लगातार बढ़ने लगे हैं। प्रदेश में अभी तक संक्रमित मरीजों की संख्या 6370 पहुंच गई है। इनमें 34 मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि एक्टिव केस 1949 हो गए हैं। हालांकि 4387 मरीजों के स्वस्थ होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्‌टी दे दी गई है। वहीं रायपुर में अब तक 1607 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें 14 की मौत हो गई, जबकि एक्टिव केस 878 हैं। 

भिलाई:16 बीएसएफ जवान समेत 32 नए कोरोना संक्रमित, कलेक्टर-एसपी उतरे सड़कों पर, नियम तोड़ने वालों पर हुई कार्रवाई

दुर्ग भिलाई इलाके में अब तक 32 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है। गुरुवार शाम तक जिले में एक्टिव केस की संख्या 237 थी। शुक्रवार को संक्रमित मिले लोगों में बीएसएफ के 16 जवान शामिल हैं। 3 गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना हुआ है। सभी संक्रमितों को इलाज के लिए अब अस्पताल ले जाया जा रहा है। 29 जुलाई तक जिले के प्रमुख हिस्सों में लॉकडाउन लागू किया गया है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे और एसपी  प्रशांत ठाकुर हालात का जायजा लेने निकले।

अधिकारियों ने जिले के बॉर्डर चेक पोस्ट कुम्हारी टोल नाका व धमधा बार्डर का जाजया लिया। चेक पोस्ट पर तैनात जवानों व अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि लोगों के आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित की गई है। अनावश्यक आने जाने वाले पर रोक लगाएं। कुम्हारी टोल नाका के तीनों लेन पर जवानों को चेकिंग प्रक्रिया को जारी रखने के लिए कहा गया है। इसके बाद अधिकारी भिलाई 3 होते हुए मंगल भवन भिलाई मार्ग, चरोदा निगम कार्यालय भी पहुंचे। लॉकडाउन की अवधि में निगम क्षेत्र में संचालित सभी प्रकार की व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने कहा गया।

दवा व्यवसायी और मॉर्निंग वॉक करने वालों पर कार्रवाई
भिलाई नगर पालिक निगम के जोन-4 की टीम ने लाॅकडाउन का उल्लंघन करने पर पावर हाउस के मेडिकल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की। लक्ष्मी मेडिकल स्टोर के संचालक विनोद जगवानी से 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। 29 जुलाई तक शाम 5 बजे तक ही मेडिकल दुकान संचालन की अनुमति है। इसके बाद भी यह दुकान रात 8 बजे तक खुली मिली थी। मेडिकल संचालक जगवानी को अब 5 तक दुकान बंद करने कहा गया है। दोबारा नियम का उल्लंघन करते पाए जाने पर दुकान को सील किया जा सकता है। 16 लोगों के खिलाफ मॉर्निंग वॉक करने की वजह से जुर्माना लगाया गया। 

छत्तीसगढ़:शिक्षाकर्मियों के संविलियन का आदेश जारी, 16 हजार से ज्यादा ऐसे जिन्होंने 2 साल की सर्विस पूरी की उन्हें मिलेगा फायदा

प्रदेश के 16 हजार 278 शिक्षाकर्मियों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन कर लिया गया है। इसे लेकर शुक्रवार को स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव जनक कुमार ने आदेश जारी कर दिए। आदेश के मुताबिक संविलियन 1 नवंबर 2020 से शिक्षा विभाग में किया जा रहा है। दो साल की सेवा पूरी कर चुके शिक्षाकर्मियों को इसका फायदा मिलेगा।

आदेश के मुताबिक 1 जुलाई तक 8 साल की सेवा पूरी कर चुके शिक्षाकर्मियों का भी संविलियन कर लिया जाएगा। इसमें इसी महीने 12 जुलाई को जारी आदेश में संशोधन भी किया है। दरअसल कांग्रेस ने चुनाव के दौरान ये वादा किया था कि दो साल की सेवा के बाद सभी शिक्षाकर्मियों का संविलियन कर लिया जाएगा। पूर्व की भाजपा सरकार ने 8 साल की सेवा पूरी कर चुके शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया था। इसे लेकर कई सालों तक शिक्षाकर्मी आंदोलन करते रहे।
दोगुने से ज्यादा हो जाएगा वेतन
संविलियन प्राप्त करने वाले शिक्षाकर्मियों के वेतन में बड़ा इजाफा होगा। खासतौर पर उन शिक्षाकर्मियों की तनख्वाह में जिनकी सेवा 7 साल से कम है। वह व्याख्याता जो 7 वर्ष से कम सेवा वाले हैं उन्हें अभी 17-18 हजार रुपए वेतन के रूप में मिलते हैं। संविलियन के बाद उन्हें 40 हजार रुपए तक वेतन मिलेगा। जो शिक्षक 7 साल से कम सेवा वाले हैं, उन्हें अभी 14-15 हजार मिलते हैं। उन्हें लगभग अब हर महीने 36 हजार रुपए मिलेंगे। सहायक शिक्षक जो 7 साल से कम सेवा वाले हैं, उन्हें 12 से 13 हजार रुपए मिल रहे हैं। अब उन्हें 26 से 28 हजार रुपए वेतन मिलेगा ।

सेवा शर्ते पहले की ही तरह
13000 शिक्षाकर्मियों को अब फायदा मिलेगा क्योंकि पुराने नियम के हिसाब से उन्हें 8 वर्ष की सेवा पूर्ण करनी पड़ती। लेकिन अब सिर्फ 2 साल की सेवा में ही संविलियन होगा। शासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है शिक्षाकर्मियों के संविलियन के लिए तमाम शर्तें वही रहेंगी जो 2018 में संविलियन करते समय लागू थी यानी उसमें कोई संशोधन नहीं किया गया है। इसका आशय है कि शिक्षाकर्मियों के पूर्व सेवा की गणना नहीं होगी। जिस तारीख को उनका विभाग में संविलियन होगा उसी तारीख से स्कूल शिक्षा विभाग में उनके सेवा की गणना होगी। जैसा कि 2018 में संविलियन हुए शिक्षाकर्मियों के साथ हुआ था।

दंतेवाड़ा:5 लाख के इनामी नक्सली के पिता ने चलाया पुलिस का दिया ट्रैक्टर, बेटे से कहा- वापस आ जाओ

जिले में शुक्रवार को नक्सलवाद से जुड़ी कुछ अच्छी तो कुछ बुरी तस्वीरें देखने को मिली। एक तरफ आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों ने पुलिस की मदद से मिले ट्रैक्टर की पूजा कर खेत में काम शुरू कर दिया। दूसरी तरफ इसी जिले में कुछ ग्रामीणों को सरकार का समर्थन करने का आरोप लगाकर नक्सलियों ने बुरी तरह से पीटा। पुलिस ने सर्चिंग के दौरान 1 लाख के इनामी नक्सली को गिरफ्तार भी किया है।

नक्सली के पिता ने किया उद्घाटन
ट्रैक्टर पर रिबन सजाकर ग्रामीणों को सौंपा गया। 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली बुधरा सोरी के पिता ने रिबन काटकर ट्रैक्टर से खेत में काम की शुरूआत की। उन्होंने अपने बेटे को संदेश भेजा कि अब वो भी नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर गांव लौट आए और आम जिंदगी जिए। पुलिस लोन वर्राटू अभियान चला रही है। इसका मतलब है घर लौटिए। इसी के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को ट्रैक्टर दिया गया है, ताकि खेती करके वो आम जिंदगी बिता सकें।

जवानों की जान लेने वाला पकड़ा गया
किरन्दुल थाना क्षेत्र में नक्सलियों के पिरनार पंचायत कमेटी अध्यक्ष नंदा कुंजाम उर्फ जीबरा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सली नंदा कुंजाम पर 14 आपराधिक मामले दर्ज थे। इसने खुलासा किया है 16 जून को पिरनार में नक्सलियो की बड़ी बैठक हुई थी, जिसमे दंतेवाड़ा के चार लोग भी शामिल थे। बैठक में बड़े नक्सली देवा, कमलेश, जयलाल जैसे नक्सलियों ने समर्पण करने वाले नक्सलियों के परिजनों को जन अदालत में बुला कर हत्या करने की रणनीति बनाई है।

ठेकेदार रविंद्र सोनी को भी जन अदालत में बुलाने की बात की गई थी। यह साल 2011 की घटना में भी शामिल था। तब नक्सलियों ने एस्सार प्लांट के पीछे की सड़क पर पुलिस जीप को ब्लास्ट से उड़ा दिया था। घटना के बाद घायल पड़े जवानों पर नक्सलियों ने फायरिंग की थी। इस घटना में इंस्पेक्टर डीएन नागवंशी समेत 4 जवान शहीद हुए थे। घटना के बाद नक्सली मौके से भाग गए थे।


जब नक्सलियों का समर्थन बंद किया तो हुई पिटाई नक्सली अपना राज अंदरूनी इलाकों में चलाते हैं। ऐसा ही एक इलाका है पोटाली। यहां अब पुलिस की दखल बढ़ी है। जब यहां कैंप खोला गया तो इसका विरोध करने नक्सलियों ने ग्रामीणों को भेजा। मगर अब उन्हीं ग्रामीणों पर नक्सली अपना कहर बरपा रहे हैं। बीती रात जोगा और हिड़मा नाम के ग्रामीणों को पीटा गया। सुबह यह एंबुलेंस से अस्तपताल लाए गए। जोगा और हिड़मा शुरू-शुरू पुलिस का विरोध कर रहे थे। जब सड़क बनी तो समर्थन करने लगे यह बात नक्सलियों को रास ना आई। इनके साथ एक और ग्रामीण को पीटा, जिसने इलाज करवाने से इंकार कर दिया। फिलहाल ये पुलिस की निगरानी में हैं।

सरोज पांडेय ने पत्र लिखकर सीएम बघेल का जताया आभार, कहा- शराबबंदी को लेकर मैंने राजनीति नहीं की, मन में पीड़ा न रखें

रायपुर: राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने बीते दिनों सीएम भूपेश बघेल को राखी भेजकर शराबबंदी की मांग की थी। इसके बाद से प्रदेश के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। कई कांग्रेसी नेताओं ने सरोज पांडेय को पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व सीएम रमन सिंह सहित भाजपा नेताओं को राखी भेजने की नसीहत दी है। वहीं, सीएम भूपेश बघेल ने भी राखी के बाद सरोज पांडेय को साड़ी भेजी थी। इसी कड़ी में सांसद पांडेय ने एक और पत्र लिखकर सीएम बघेल का आभार जताया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि मैंने शराबबन्दी को लेकर कोई राजनीति नहीं की है, मन में कोई पीड़ा न रखें।

सरोज पांडेय ने अपने पत्र में लिखा है कि मैंने शराबबन्दी को लेकर कोई राजनीति नहीं की, न ही मेरी ऐसी कोई मंशा थी। मन मे कोई पीड़ा न रखें। आपने मेरी भावनाओं का सम्मान किया और शराबबंदी करने का आश्वासन दिया है। इसके लिए मैं आपकी आभारी हूं। उम्मीद है आप अपना वादा जल्द पूरा करेंगे।

बता दें कि सांसद सरोज पाण्डेय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रक्षा सूत्र के साथ पत्र भेजा था, सरोज पाण्डेय ने पत्र में मुख्यमंत्री से प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा और आशा व्यक्त कि इस रक्षा बंधन में पूर्ण शराबबंदी करने का मुख्यमंत्री कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए किया गया अपना वादा पूरा करेंगे।
सीएम भूपेश बघेल ने दिया ये जवाब
बहन सरोज पांडेय जी! आज आपका भाई भूपेश आपसे वादा कर रहा है कि छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी होकर रहेगी, हम सब इसकी तैयारी में लगे हैं। साथ ही आपका आभार इसलिए कि आपने आज पुनः प्रदेश के सामने ला दिया कि आपके भाई डॉ रमन सिंह ने 15 साल तक आपके वादे को तोड़ा, आपकी बात नहीं मानी।
बहन, मैं आपसे एक आग्रह और करता हूं कि एक राखी अपने भाई नरेंद्र मोदी जी को भी भेज दें और उनसे भी वादा करवाएँ कि देशवासियों से उनके द्वारा किए गये प्रत्येक वादे को पूरा कर सकें। मुझे उम्मीद है कि मेरी बहन में इतनी हिम्मत तो है कि वो अपनी पार्टी के नेता को एक राखी भेज सकेगी।
मुख्यमंत्री श्री @bhupeshbaghel जी,आपने मेरी भावना का सम्मान किया,उसके लिए मैं आपकी आभारी हूँ।
इस रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आप प्रदेश की हम सभी बहनों को शराबबंदी लागू कर यह उपहार अवश्य देंगे, ऐसा मेरा विश्वास है।

छत्तीसगढ़:245 सरकारी कर्मचारियों पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी करने का आरोप, सीएम के पास पहुंची सूची

प्रदेश में फर्जी जाति प्रमाणपत्र के सहारे सरकारी नौकरी करने वालों के लिए बुरी खबर है। इन पर कार्रवाई की मांग अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस मामले में शिकायत की गई है। उन्हें 245 अधिकारियों-कर्मचारियों का सूची सौंपी गई है, जिन पर गलत दस्तावेज की मदद से नौकरी पाने का आरोप है। दावा किया गया है कि फर्जी तरीके से नौकरी करने वालों को सरकार हर साल करीब 6 करोड़ रुपए वेतन बांटती है।

सीएम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति भी सौंपी गई। इसमें कहा गया है कि जिनके जाति प्रमाणपत्र जाली साबित हो गए हैं, वे किसी भी विभाग में किसी भी पद पर बने नहीं रह सकते। संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के प्रतिनिधि मंडल ने इस मामले में शिकायत की है। सीएम ने उन्हें इस संबंध में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस मुद्दे पर मोर्चा खोलने वालों में डॉ. शंकर लाल उइके, सीएल चन्द्रवंशी, जयसिंह राज तथा राजकुमार ठाकुर भी शामिल हैं।

कोर्ट में लंबित हैं मामले
हाईकोर्ट में तीन दर्जन मामले लंबित हैं। जबकि, विभागों में दो सौ कर्मचारियों के प्रमाणपत्रों की जांच में वे दोषी पाए गए हैं। इनमें मंत्रालय में ही करीब दो दर्जन अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। जाली प्रमाण पत्रों के मामले 17 सालों से लंबित है। दोषी अधिकारी-कर्मचारी हाईकोर्ट से स्टे लेकर बैठे हुए हैं। कुछ ने तो ड्यू स्टे ले लिया है। उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने 60 ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों के जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए हैं जो सरकार 28 विभागों में काम कर रहे और मोटी तनख्वाह ले रहे हैं। अब तक अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी वर्ग से ऐसी ही कुल 580 शिकायतें मिल चुकी हैं, इनमें 245 मामले फर्जी पाए गए, 220 सही मिले, 115 की जांच जारी है।